चुदाई की कहानी · 3 episodes · 14:02 · Jul 23
प्रकरण 2: लेस्बियन रात – सपना की वासना जगाने का खेल
Episode 2
Saavi
दोस्तों, आज की कहानी में हम एक ऐसी रात की बात करेंगे, जहाँ दो औरतों के बीच की वासना और खेल ने सब कुछ बदल दिया। सपना की सोई हुई इच्छाओं को जगाने का यह सफर आपको र
दोस्तों, आज की कहानी में हम एक ऐसी रात की बात करेंगे, जहाँ दो औरतों के बीच की वासना और खेल ने सब कुछ बदल दिया। सपना की सोई हुई इच्छाओं को जगाने का यह सफर आपको रोमांचित कर देगा। तो चलिए, शुरू करते हैं...
मेरी कहानी के पहले भाग, "वासना की शुरुआत" में आपने पढा कि मैंने अपने किरायेदार रवि से चुदवाने के बाद उसकी बीवी सपना को अपने पति के लंड के नीचे लाने की योजना बनाई। अब आगे बढती है यह कामुक दास्तान।
दरअसल हर मर्द जो उसके पास नहीं है उसकी ओर ज्यादा आकर्षित होता है। जिसकी बीवी के स्तन बडे हैं उसे छोटे अच्छे लगते हैं, जिसकी बीवी के स्तन छोटे होते हैं उसे बडे स्तन अच्छे लगते हैं। लेकिन इस मामले में औरतें अपवाद हैं। किसी भी औरत को छोटा, पतला और कमजोर लंड नहीं चाहिए, सबको लंबा, मोटा और दमदार लंड ही चाहिए।
हम दोनों एक दूसरी के कुदरती मक्खन के टीलों का आनन्द ले रही थी, उन्हें सहला कर, उन्हें दबा कर, निप्पलों को मसल के! उसके बाद मैं पलंग पर बैठकर उसके दोनों निप्पल बारी बारी मुंह में ले कर चूसने लगी और दोनों उरोजों को आमों जैसे मसलने लगी। उसकी कामवासना भडकने लगी, वो ओह मधु, ओह मधु कह के मेरे सिर को अपने बूब्स में भींचने लगी। उसके निप्पल मेरे होठों में गुदगुदी कर रहे थे।
आखिर दुनिया में आने के बाद हर इंसान का पहला परिचय निप्पल से ही होता है, इसलिए स्तन और निप्पल को छूना या चूसना प्राकृतिक रूप से सबको पसंद आता है। मेरे उरोज भी सपना के स्पर्श को, उसके होठों द्वारा चूसे जाने के लिए तरसने लगे। मेरी भी इच्छा हुई कि सपना मेरे दोनों उरोज दबाए और मेरी निप्पलों को चूसे। उधर सपना के होठों में भी मेरे स्तनों को चूसने की तलब सरसराहट जगाने लगी।
मैंने उसे पलंग पर चित लिटा दिया और उसके पास लेट कर उसको अपनी बाहों में भींच लिया। उसके बाद उसके दोनों स्तनों को बारी-बारी चूसने लगी। उसने भी मेरी भडकी हुई वासना को समझा और वह भी मेरी दोनों बडी बडी दूध की थैलियों को मथने लगी और बारी-बारी मुंह में निचोडने लगी। किसी भी औरत के स्तन उसकी कामवासना को भडकाने के लिए सबसे संवेदनशील अंग होते हैं। सपना उत्तेजना के मारे जांघों को आपस में रगडने लगी। जाहिर था कि वासना की मीठी आग उसके पूरे शरीर में फैल चुकी थी और उसकी चूत भट्टी की तरह धधक रही थी। उसकी सांसों की तपन मुझे अपने ऊपर महसूस हो रही थी।
अब मैंने उसकी स्कर्ट खींच के उतार दी। केवल पैंटी में उसका जवान जिस्म बहुत मादक और मनमोहक लग रहा था, उसका बदन पके फल सा महक रहा था। मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी। उसकी चूत कामरस में भीग चुकी थी। मैंने बिना देर किए उसकी चूत पर अपने होंठ टिका दिए। सपना कामोत्तेजना में बडबडा रही थी – खा जा मधु, खा जा मेरी चूत को! उसकी पनियाती हुई गर्म चूत के नमकीन रस से मेरे होंठ गीले हो गए।
मैंने इस दिव्य रस का अद्भुत स्वाद सपना तक पहुंचाने के लिए उसके नाजुक होंठों पर अपने होंठ रख दिए। अब दो काम पिपासु मादाएं एक दूसरी के होंठ चूस कर अपनी कामुकता का भरपूर आनन्द उठा रही थीं। सपना बोली – तूने मेरी चूत का तो स्वाद ले लिया। अब मुझे भी तुझसे बदला लेना है। मैं भी तेरी चूत के रस को पूरी तरह से निचोड कर उसका मजा लेना चाहती हूं। उसके बाद में हम ६९ की पोजीशन में एक दूसरी की चूत को चाटने लगी। फिर कभी वह नीचे और कभी वह मेरे ऊपर, बारी-बारी से दोनों एक दूसरी की चूत को अच्छे तरीके से चाट और चूस रही थी।
जब हमने एक दूसरी के काम उर्जा के केंद्र क्लिटोरिस पर जुबान के स्ट्रोक लगाने शुरू किए तो हम दोनों का चरम उठने लगा और कुछ ही मिनटों में दोनों के शरीर इतने जोरों से अकडे, ऐसा लगा कि कोई न कोई मांसपेशी तडक जाएगी। हम दोनों की गांड भिंच गई। हमारी चूतों में इतने जोरों का स्पंदन हुआ, जैसे कोई बांध टूट गया हो और हमारी चूत में से एकदम राहत का झरना फूट पडा। हम दोनों के जिस्म पसीने में भीग गए और दिमाग को भी असीम शांति का अनुभव हुआ।
जब हमारी सांसें पूरी तरह सामान्य हो गई तो फिर मैंने उससे पूछा – कैसा लगा मेरी जानू? वह बोली – यार मधु, मैं पहली बार किसी औरत द्वारा ओरल के माध्यम से झडी हूं। मेरे लिए तो यह नया लेकिन अत्यंत आनन्द वाला अनुभव रहा। मुझ को मालूम नहीं था कि चोरी छुपे वाले सैक्स के खेल में इतना आनन्द भरा होता है यार!
यह तो मुझे पहले से ही पता था कि हर औरत के मन में नए लंड लेने की हसरत दबी होती है। उस पर सपना तो अतृप्त थी इसलिए बदली हुई परिस्थितियों में उसको नए लंड से चुदने को तैयार करना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं लग रहा था। इसलिए मैंने उसे उकसाया, मैंने कहा – लेकिन सपना, मर्द के लंड से जो मजा औरत को मिलता है, वह तो लंड ही दे सकता है। और उस पर भी अगर लंड नया हो तो उस आनन्द की तो कोई सीमा नहीं रहती। तुझे अगर मैं नया लंड दिलवाऊं तो तुझे कितना मजा आएगा, तू कल्पना भी नहीं कर सकती।
तो वह कहने लगी – लेकिन मधु, मुझे नया लंड मिलेगा कैसे? मैंने उससे कहा – तू तो यह बता कि तू नए लंड से चुदने के लिए तैयार है या नहीं? बाकी तू मुझ पर छोड! उसने कहा – यार, पहले तो मैंने इसके बारे में कभी सोचा नहीं था। लेकिन अब हां, मैं नया लंड लेने को तैयार हूं। मैं बहुत खुश थी क्योंकि मैंने सपना की सोई हुई वासना जगाने में सफलता प्राप्त कर ली थी।
फिर मैंने उससे पूछा – अच्छा बता, तुझे अंकल जी कैसे लगते हैं? उसने कहा – अच्छे लगते हैं, क्यों? मैंने कहा – अगर उनका लंड दिलवा दूं तो? सपना एकदम चौंकी – मधु ये क्या कह रही है? फिर उसने कहा – यार, वे तो इतने बडे हैं। तो मैंने कहा – कुछ घंटे पहले मैं भी तो बडी थी, पर हमारे बीच मस्ती हुई या नहीं? फिर मैंने उसे बताया – देख, एक तो मेरे पति बहुत मस्त चोदते हैं, दूसरा उनको तेरे बूब्स और तेरी गांड बहुत पसंद है। तो वह बोली – हां, मैंने भी कई बार देखा है कि वे मेरे टॉप में झांक कर मेरे बूब्स को देखने की कोशिश करते हैं। पर तू उन्हें कैसे तैयार करेगी? कहीं वो नाराज़ हो गए तो? तब मैंने कहा – उसकी चिंता तू मत कर, तू तो बस अब एक नए लंड से मिलने वाले आनन्द के खजाने के बारे में सोच!
हम दोनों पूरी तरह नंगी एक दूसरी को बाहों में लिए अपनी वासना का लुत्फ ले रही थीं कि कुछ ही घंटों में क्या से क्या हो गया? कहां सपना मुझे आंटी कहती थी और अब हम दोनों दो चुडक्कड सैक्स के हर खेल के मजे लेने वाली और नए लंड की शौकीन सहेलियां बन चुकी थीं। अब सारी बाधाएं, सारी झिझक दूर हो चुकी थी। पर अभी भी यह डर था कि कहीं सपना वक्त आने पर बिदक ना जाए। मैंने सोचा कि यदि उसे मेरे और रवि के बारे में सब बता दूं तब तो वह निश्चित रूप से चुद के ही मानेगी। एक तो बदले की भावना उसके मन में आएगी कि जब उसका पति किसी दूसरी औरत की चूत चोद सकता है तो वह उस औरत के पति का लंड क्यों नहीं ले सकती? मुझे लगा कि हां यह ठीक रहेगा।
उसके बाद अगली दोपहर में जब हम दोनों पूरी नंगी होकर एक दूसरी के बदन को सहला के, एक दूसरे के स्तनों को चूस के मस्ती में डूबी हुई थी, तब मैंने उसे कहा – यार सपना, तुझे एक राज की बात बतानी है जिसे सुनकर तेरे होश उड जाएंगे। वह बोली – हां, तो बोल न, अब अपने बीच में कोई भी राज क्यों रहना चाहिए। मैंने कहा – तो सुन, मैं तेरे पति रवि से चुदवा चुकी हूं। वो चौंकी – कब? कैसे? और मैंने रवि से चुदने की पूरी कहानी उसे सुना दी।
यह सुनते ही उसका चेहरा तमतमा गया, वह बोली – तभी भोसडी का मेरे को चोदने से बचता है। जब देखो तब बहाने बनाता है क्योंकि उसको तेरी नई गर्म चूत जो मिल गई चोदने को। उसकी तो ऐसी की तैसी करती हूं मैं! मैंने उसे टोका, मैंने कहा – देख सपना, अब स्थिति पूरी बदल चुकी है। अब तो तुझे रवि से गुस्सा होने के बजाय मेरे पति के लंड से मिलने वाली चुदाई के मस्त मजे के बारे में सोचना है। उसके बाद मैंने उसे रवि की आए दिन की हरकतों के बारे में बताया। फिर मैंने उसे कहा – अब हम एक प्लान करती हैं, उसको रंगे हाथ पकडती हैं, उस समय तू अपना जो भी गुस्सा उतारना है उतार देना! उसके बाद वह तेरे सामने कुछ बोलने लायक नहीं रहेगा और तुझे मनोज से चुदवाने से रोक भी नहीं पाएगा। फिर तू बेधडक नए लंड से चुदने का मजा ले पाएगी। सपना इस योजना का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गई।
उसके बाद जब अगले दिन दोपहर में रवि खाना खाने आया और आदत के अनुसार वह रसोई में मेरे पीछे आकर मेरे बूब्स से खेलने लगा तो हमारी योजना के अनुसार सपना भी दबे पांव आगे के दरवाजे से अंदर आ गई जिसको मैंने जानबूझ कर खुला छोड रखा था क्योंकि पीछे का दरवाजा तो रवि बंद कर देता था। आज रवि को मैंने जानबूझ के चुदाई के लिए उकसाया। जब सपना रसोई के सामने आई, तब रवि अपना लंड मेरी चूत में डालकर धक्के लगा रहा था। सपना उसके पीछे आई और जोर से बोली – साले हरामजादे, मेरी चूत चोदने में तो तेरे को मौत आती है और अभी दिन दहाडे मधु की चूत में घुसा हुआ है कुत्ते?
रवि सपना के अचानक आ जाने और इतने गंदे शब्दों के प्रयोग से हक्का-बक्का था, उसे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह इस तरीके से रंगे हाथ पकडा जाएगा। उसका लंड मेरी चूत से बाहर निकल के अपनी खोल में घुस चुका था। इसी को कहते हैं खडे लंड पर चोट होना। रवि बोला – अरे सपना, सुन तो… वह तो… अरे यार… मधु, अब सपना को… तुम ही बताओ कि क्या… हुआ… था, कैसे… हुआ था। मैंने कहा – अरे यार रवि, घबरा मत! मैं तो सपना को सब कुछ पहले ही बता चुकी हूं और इसे मैंने ही बुलाया था जिससे कि हम चारों के बीच में अब कोई परदा ना रहे और सपना भी बेहिचक मनोज से चुदवा सके। रवि बोला – मेरी तो गांड फट गई थी यार! मैं तो घबरा गया था कि मां चुद गई आज तो! फिर रवि ने सपना से कहा – अब मेरी तरफ से तुझे भी पूरी तरह छूट है कि तू जब चाहे अंकल से चुदवा सकती है।
ऐसी और कहानियाँ सुनने के लिए अतिवासना ऐप से जुडे रहें। फिर मिलेंगे।
Episodes

दोस्तों, आज हम आपको सुनाने जा रहे हैं एक ऐसी कहानी जहाँ वासना की शुरुआत होती है एक भाभी के पहले कदम से। यह कहानी है एक ऐसी औरत की जो अपने पति की अनुपस्थिति में

दोस्तों, आज की कहानी में हम एक ऐसी रात की बात करेंगे, जहाँ दो औरतों के बीच की वासना और खेल ने सब कुछ बदल दिया। सपना की सोई हुई इच्छाओं को जगाने का यह सफर आपको र

दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक ऐसी कहानी जहाँ चार लोगों के बीच का खेल पूरा होता है और सबको अपना-अपना मज़ा मिलता है। यह कहानी है स्वैप के उस सफर की जो पि