भाभी की चुदाई · 7:36 · Jul 23

चुत की आग बुझाई

Raghav

दोस्तों, आज मैं आपको एक ऐसी देसी भाभी फक स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ, जिसमें एक मजदूर और उसकी मालकिन के बीच कुछ ऐसा होता है जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी। तो च

दोस्तों मेरा नाम राघव है, आज मैं आपको एक ऐसी देसी भाभी फक स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ, जिसमें एक मजदूर और उसकी मालकिन के बीच कुछ ऐसा होता है जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी। तो चलिए, शुरू करते हैं...

मैं एक घर में टाइल्स का काम करने गया तो बाथरूम में भाभी की ब्रा पैंटी देख मेरा लंड खडा हो गया. भाभी ने मेरा बडा लंड देख लिया.

यह देसी भाभी फक स्टोरी मेरे और मैं जहाँ काम कर रहा था, वहाँ की भाभी की है, जिनका नाम रजनी है।

मस्त एकदम कामदेवी जैसी हैं वो! उसका फिगर शायद 32 का होगा।

मैं घरों में टाइल्स लगाने का काम करता हूँ, तो उसके यहाँ भी काम कर रहा था।

एक दिन बाथरूम की टाइल्स लगानी थी और थोडी तोड-फोड करनी थी।

कारीगर उस दिन नहीं आया था, इसलिए मैं अकेला ही काम कर रहा था।

वह बाथरूम भाभी का था।

वह बोली, “भैया, मैं नहा लूं, फिर आप अपना काम करना!”

मैं बोला, “ठीक है भाभी!”

जब वह नहा ली, तो मैं बाथरूम के अंदर गया।

वहाँ भाभी की ब्रा और पेंटी टंगी थी।

मैंने जानबूझकर दरवाजा लगा लिया और भाभी की ब्रा-पेंटी को उठाकर देखने लगा।

क्या मस्त थी यार, आआ आह मजा आ गया!

उसमें से मस्त खुशबू आ रही थी— भाभी के पसीने की और उसकी चूत की!

मेरा लंड, जो 7 inch का है, बिल्कुल तन गया।

इतने में भाभी ने बाहर से आवाज लगाई, “भैया, मेरे कपडे निकालने हैं!”

मैं बोला, “ठीक है!”

मैंने दरवाजा खोल दिया।

वह सामने ही खडी थी।

सबसे पहले मेरे लंड पर उसकी नजर गई और वह हल्की सी मुस्कुरा दी।

फिर वह अंदर से अपने कपडे लेकर चली गईं।

थोडी देर बाद वह दोबारा आई और बोलने लगी, “तुम शादीशुदा हो क्या?”

मैं बोला, “शादी तो हुई थी, पर तलाक हो गया है।”

तो वह बोली, “क्यों हो गया तलाक?”

मैं बोला, “उसे किसी और से प्यार था, इसलिए तलाक हो गया है।”

वह बोली, “तभी मैं बोलूं?”

मैं बोला, “समझा नहीं भाभी।”

और वह हँसने लगी।

मेरा दिमाग घूम गया कि यह क्या बोल रही हैं।

मैं फिर बोला, “समझा नहीं भाभी, आप क्या बोल रही हो?”

वह बोली, “अब बनो मत!”

वह आगे बोली, “सीधे-सीधे बोलती हूँ, क्या तुम मुझे वो दे सकते हो?”

मैं बोला, “क्या? मैं समझा नहीं...”

और वह और ज्यादा हँसने लगी।

मुझसे अब सब्र नहीं हुआ, मैं बोला, “सेक्स का बोल रही हो आप?”

उसने हाँ में सिर हिलाया।

मेरा लंड और कडा हो गया।

मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि इतनी खूबसूरत भाभी मुझे sex का बोल रही थी।

पर मैं सीधा इंसान हूँ, किसी से ज्यादा बात या मिलता-जुलता नहीं हूँ, बस अपने काम से काम रखता हूँ।

जब रजनी ने यह बात बोली, तो मैं थोडा डर गया।

मैं बोला, “आपके पति को पता लगा, तो वो मुझे मार-मार कर हालत खराब कर देंगे!”

तो रजनी बोली, “तुम टेंशन मत लो उसकी! वैसे भी उससे कुछ होता नहीं है और उसी ने बोला है कि जाओ, किसी से भी बच्चा पैदा करो, पर मुझे बच्चा चाहिए!”

उसके लिए तुम सही इंसान हो

मैं बोला, “देखना भाभी, कहीं आप मरवा मत देना!”

वह बोली, “ऐसा कुछ नहीं होगा! चलो तो यह बताओ, कितने दिन में माँ बना दोगे?”

मैं बोला, “उसका मैं क्या बोल सकता हूँ!”

वह बोली, “ठीक है, तुम्हारा काम अभी 15 दिन का है, हम रोज करेंगे, ओके!”

मैं बोला, “पर अगर किसी को पता लगा तो?”

वह बोली, “मैं हूँ ना!”

मैंने भी कहा, “ठीक है।”

वह बोली, “तुम पहले अपना औजार बताओ!”

मैंने फट से पैंट खोल दी।

उसे देखकर रजनी मुस्कुराने लगी।

चलो, वह मुझे बेडरूम में ले गई।

वह बोली, “तुम मुझे जो बनाना चाहते हो बना लो, पर मुझे सैटिसफाई करो, ओके ?”

मैंने हाँ में सिर हिला दिया।

उसके बाद मैं उसकी गर्दन पर किस करने लगा और अपनी जीभ से चाटने लगा।

वह मजा लेने लगीं, ah, ahh, mm, mmmm, ahhh ... ...

फिर उसके कान पर जीभ घुमाने लगा।

वह सिसकियां ले रही थीं, ah, ahh, mmmm, mm ...

वह बोली, “तुमको लडकियों को गर्म करना आता है!”

और हँसने लगीं।

मैं कुछ नहीं बोला, बस अपना काम कर रहा था।

फिर उसके लिप्स पर, फिर बूब्स पर!

वह बस सिसकियां ले रही थी, ah, ahh, mm, mmmm,ahh, mmm ...

मैंने उसे बेड पर लिटाकर साडी निकाल दी और ब्लाउज खोल दिया और नीचे उसकी नाभि में जीभ डालकर गोल-गोल घुमाने लगा।

वह पागल होकर बोली, “वाह यार! तुम मुझे खुश कर दोगे!”

फिर मैंने उसका पेटीकोट निकाल दिया।

उसने ब्लू रंग की पेंटी पहनी थी।

मैं उसकी पेंटी के ऊपर से ही चूत को चाटने लगा।

वह सिसकारियां लेने लगी, ahh ahhh aahhh umm ummm ...

वह बोली, “वाह मेरे यार.... मजा आ गया यार.... अब जल्दी से चोद दे मुझे! बना ले अपनी रण्डी, मुझे चोद, मुझे चोद!”

मैं उसकी जांघ को चाटने लगा।

वह सिसकियां लेती हुई बोली, “माँदरचोद! अब कब डालेगा? चोद मुझे साले कुत्ते!”

वह मुझे गालियां दे रही थी, पर मैंने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया।

मैं बस चाटने में लगा था।

वह अकडी और सारा पानी मेरे मुँह पर निकाल दिया।

वह मुझे देखकर बोली, “बस यार, अब डाल दे!”

मैंने अपने हाथ में लंड लेकर एक ही बार में पूरा 7 inch का लंड डाल दिया!

देसी भाभी को बहुत दर्द हुआ।

वह रोने जैसी शक्ल बनाकर बोली, “आराम से, आराम से यार....”

उस दिन मैंने 3 राउंड लगाए और उसने पता नहीं कितनी बार पानी निकाला।

फिर मैं उससे अलग हुआ।

वह बहुत खुश थी।

वह मुझे पैसे देने लगी तो मैंने मना कर दिया और उसके लिप्स पर किस करके अपने काम में लग गया।

उसके बाद मैं जब तक वहाँ काम करता रहा, उसे रोज पेलता था।

अब वह रोज फोन सेक्स करती है और उसे एक लडका भी हो गया है, जो अभी 2 महीने का है।

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