ब्रेकअप · 14:00 · Jul 23
बीस लंडों के बीच फँसी नीतू
Shanaya
दोस्तों, आज की कहानी है नीतू की, जो अपने ब्रेकअप के दर्द को भूलने एक क्लब में पहुँचती है। वहाँ उसकी मुलाकात बीस ऑफिस जाने वाले मिडिल एज के आदमियों से होती है, औ
दोस्तों, आज की कहानी है नीतू की, जो अपने ब्रेकअप के दर्द को भूलने एक क्लब में पहुँचती है। वहाँ उसकी मुलाकात बीस ऑफिस जाने वाले मिडिल एज के आदमियों से होती है, और शराब के नशे में वह ऐसा नाचती है कि सब कुछ बदल जाता है। तो चलिए, शुरू करते हैं ये कहानी...
नीतू सिर्फ २४ साल की थी। लंबी, गोरी, घने काले बाल और ऐसी आँखें जिनमें हर कोई डूब जाता था। उसका शरीर बेहद आकर्षक था – भरे हुए मम्मे, पतली कमर और बडे-बडे गोल नितंब जो किसी का भी ध्यान खींच लेते थे। वह एक मल्टीनेशनल कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर का काम करती थी और अपनी लाइफ में बहुत खुश थी, लेकिन उसकी ज़िंदगी में एक झटका आया – उसके तीन साल के बॉयफ्रेंड विवेक ने उसे एक दिन अचानक बिना किसी वजह के छोड दिया।
विवेक ने उसे बताया कि अब उसे किसी और से प्यार हो गया है और वह उससे शादी करने वाला है। यह सुनकर नीतू का दिल टूट गया। उसने कई दिनों तक कमरे में बंद रहकर रोया, खाना नहीं खाया और अपने आप को कमरे में कैद कर लिया। उसके दोस्तों ने उसे बहुत समझाया कि ज़िंदगी में आगे बढो, लेकिन उसका दर्द कम नहीं हो रहा था।
एक शाम उसकी सबसे अच्छी दोस्त सोनिया ने उसे फोन किया और कहा, "नीतू, बस अब बहुत हो गया। तुझे बाहर निकलना पडेगा। आज रात एक नया क्लब खुला है - 'ब्लेज़ नाइट क्लब'। वहाँ बहुत मस्ती होती है। चल, मैं भी चलती हूँ।"
पहले तो नीतू ने मना कर दिया, लेकिन सोनिया के ज़िद करने पर वह मान गई। उसने सोचा, "चलो, कुछ देर के लिए सही, अपना दुख भूल जाती हूँ।"
नीतू ने अपनी सबसे गरम ड्रेस पहनी – एक फिटेड सफेद डीप-नेक क्रॉप टॉप, जिसके साथ उसने बेहद छोटी काली बॉडीकॉन स्कर्ट पहनी थी, जो उसकी जांघों के ऊपर तक आ रही थी। उसने हील्स पहनी और होंठों पर गहरी लाल लिपस्टिक लगाई। वह शीशे के सामने खडी हुई तो उसे खुद पर गर्व हुआ। वह अभी भी बहुत हॉट थी।
सोनिया उसे लेकर क्लब पहुँची। क्लब के अंदर तेज़ म्यूज़िक बज रहा था, रंग-बिरंगी लाइटें घूम रही थीं और बहुत सारे लोग डांस फ्लोर पर झूम रहे थे। क्लब के एक कोने में बैठकर नीतू ने पहला पेग उठाया। उसने अपनी सारी परेशानियाँ भूलने के लिए एक के बाद एक कई शॉट्स मारे।
धीरे-धीरे नशा उस पर हावी होने लगा। उसका मन हल्का हो गया और डांस फ्लोर पर जाने का मन किया। वह उठी और डांस फ्लोर पर चली गई। म्यूज़िक की तेज़ धुन के साथ उसने अपने कूल्हों को हिलाना शुरू कर दिया। उसके लंबे बाल हवा में उड रहे थे और उसका शरीर बेहद आकर्षक अंदाज़ में थिरक रहा था।
कुछ ही देर में क्लब के सारे लोगों की निगाहें नीतू पर जम गईं। खासकर एक ग्रुप का ध्यान उस पर गया – २० ऑफिस जाने वाले आदमी, जो सभी ३५ से ४५ साल के बीच के थे। ये सभी एक ही कंपनी में काम करते थे और आज अपनी कंपनी की एन्युअल पार्टी के बाद यहाँ आए थे। सभी सूट-बूट में थे और हर किसी के हाथ में शराब का गिलास था। सभी ने नीतू को डांस फ्लोर पर देखा और उसकी खूबसूरती पर मोहित हो गए।
उनमें से एक ने कहा, "यार, क्या माल है ये! कभी ऐसी लडकी नहीं देखी।"
दूसरा बोला, "चलो, इसके साथ डांस करते हैं।"
उनका ग्रुप नीतू के आसपास आ गया। सभी उसे घेरकर खडे हो गए। पहले तो नीतू को अजीब लगा, लेकिन नशे के कारण वह बेफिक्र हो गई। उसने उन सबको इशारे से बुलाया और साथ डांस करने लगी। २० आदमियों का एक घेरा उसके इर्द-गिर्द बन गया और उसने बीच में नाचना शुरू कर दिया।
उसके हर अंग में जान आ गई थी। वह जोर-जोर से कूल्हे हिला रही थी, जिससे उसकी छोटी ड्रेस थोडी और ऊपर चढ गई। उसकी चिकनी-मुलायम जांघें सामने आने लगीं। आसपास खडे सारे आदमी उसे प्यासी नज़रों से देख रहे थे। किसी को उसके नितंबों पर हाथ रखने का मन था, किसी को उसकी जांघों को छूने का।
धीरे-धीरे एक आदमी ने हिम्मत करके उसकी कमर पर हाथ रखा और उसे अपनी तरफ खींच लिया। नीतू ने विरोध नहीं किया। उसने तो बस शराब के नशे में झूमना जारी रखा। आदमी ने मौका देखकर उसका हाथ पकडकर अपने गर्दन पर रख दिया और उसके साथ बॉडी-टू-बॉडी डांस करने लगा।
अब तो हालात बदल गए थे। सारे २० आदमी उसके आसपास इकट्ठा हो गए और हर कोई उसे छूने की कोशिश कर रहा था। नीतू के कंधे, पीठ, कमर, जांघ, नितंब – हर जगह हाथ पडने लगे। नशे में धुत नीतू को कुछ भी बुरा नहीं लग रहा था, बल्कि उसे इन हाथों से एक अलग तरह की उत्तेजना मिल रही थी।
तभी किसी ने एक बोतल में शराब ली और उस पर उछाल दी। शराब की बूंदें नीतू के गाल, गर्दन, मम्मों और बाजुओं पर बिखर गईं। उसका सारा शरीर चमकने लगा। नीतू ने अपनी जीभ निकालकर अपने ऊपरी होंठ पर शराब की बूंद को चाटा। यह दृश्य देखकर सारे आदमियों के अंदर हडकंप मच गया। किसी का दिल तेजी से धडक रहा था, किसी के लंड खडे हो गए थे।
अब तो डांस फ्लोर पर हालात पूरी तरह बदल गए। सारे आदमी बेकाबू हो गए और वे नीतू के करीब आते चले गए। एक ने मौका पाकर उसकी ड्रेस का पट्टा खिसका दिया, जिससे उसका एक बडा-सा मम्मा बाहर आ गया। वहाँ तेज़ लाइटें थीं और बहुत शोर था, इसलिए किसी और ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
नीतू का बडा, गुलाबी सिरे वाला मम्मा पूरी तरह बाहर था। उसे देखकर पास खडे तीन-चार आदमियों के होश उड गए। उन्होंने तुरंत उस मम्मे को अपने हाथों में ले लिया। किसी ने उसे दबाया, किसी ने चूसने की कोशिश की। नीतू ने शराब के नशे में अपनी आँखें बंद कर लीं और सारी हरकतों को महसूस करने लगी। उसके मुँह से एक गहरी कराह निकली।
एक आदमी ने अपनी बेल्ट खोली और अपना कडा, लंबा-सा लंड निकालकर नीतू की चूत के पास लगा दिया। नीतू की ड्रेस के नीचे उसने पैंटी नहीं पहनी थी, इसलिए लंड सीधा उसकी नंगी चूत पर रखा गया। आदमी ने उसे डांस फ्लोर पर ही एक कुर्सी पर बिठा दिया और अपनी उंगलियाँ उसकी चूत के भीतर घुसानी शुरू कर दीं। नीतू की चूत पहले से ही पूरी तरह गीली हो चुकी थी।
उसकी आँखों के सामने सारे आदमी जमा थे। किसी ने अपना लंड उसके मुँह के पास रखा, किसी ने उसके मम्मों पर हाथ फेरा। नीतू ने धीरे-धीरे अपने सामने खडे आदमी के लंड को अपने होंठों में लिया और जोर-जोर से चूसना शुरू कर दिया। उसकी जीभ लंड के गोले को घुमा-घुमाकर चाट रही थी। इससे वह आदमी पागल हो गया।
अब २० आदमियों की भीड उसके ऊपर टूट पडी। सभी उसे एक-साथ छूने, सहलाने, चूसने और उत्तेजित करने में लगे थे। नीतू का पूरा शरीर हाथों, जीभों और लंडों से भरा हुआ था। उसका मुँह एक लंड से दूसरे लंड पर जा रहा था। कोई उसकी चूत को उँगलियों से रगड रहा था, कोई अपनी जीभ उसके गुदा पर फेर रहा था।
शराब की बोतलें और बिखर रही थीं। नीतू के पूरे शरीर पर शराब लग गई थी – मम्मों पर, पेट पर, जांघों पर, नितंबों पर। सारे आदमी उसके शरीर से शराब चाट-चाटकर पी रहे थे। वे उसके शरीर को एक बर्तन की तरह इस्तेमाल कर रहे थे और नीतू को वह सब अच्छा लग रहा था।
एक बडे, भारी-भरकम शरीर वाला आदमी करीब आया और उसने नीतू को फर्श पर लिटा दिया। उसने अपना मोटा-सा लंड निकाला और बिना किसी मेहनत के उसकी गीली चूत के अंदर पूरा घुसा दिया। नीतू जोर से चीखी – "आह!" – लेकिन वह चीख म्यूज़िक में डूब गई।
आदमी ने उसके कूल्हे पकडे और जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। नीतू की चूत उसके मोटे लंड को कसकर पकड रही थी। हर धक्के के साथ उसके बडे मम्मे जोर से हिल रहे थे और पास खडे कई आदमी उन मम्मों को दबा-दबाकर चूस रहे थे। किसी ने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया था, और वह एक साथ ऊपर और नीचे दोनों लंडों का स्वाद ले रही थी।
अब तो वहाँ ऐसा हंगामा मचा था कि सारे २० आदमी बारी-बारी से उसके साथ संभोग कर रहे थे। कोई उसकी चूत में लंड डालता, कोई उसके मुँह में, कोई उसके हाथों से हिलवाता, कोई उसके मम्मों के बीच में घिसकर स्खलित होता। नीतू का शरीर एक खिलौना बन चुका था, लेकिन वह उस आनंद से पूरी तरह तृप्त थी।
एक आदमी ने अपना लंड उसकी चूत में डालकर इतनी तेज़ी से धक्के मारे कि उसकी आँखों के सामने अँधेरा छा गया। उसी समय दूसरे आदमी ने उसके मुँह में अपना वीर्य छोड दिया। नीतू ने उस गर्म रस को निगल लिया और अपनी जीभ से चाट-चाटकर साफ किया। उसके मुँह से वीर्य की धार बह रही थी, लेकिन वह रुकी नहीं।
चूत में डाले गए लंड ने उसके भीतर वीर्य का पहाड छोड दिया। वह गर्म पानी की तरह उसकी चूत के भीतर फैल गया। फिर दूसरा, फिर तीसरा, फिर चौथा... इस तरह सारे २० आदमी बारी-बारी से उसकी चूत, मुँह, मम्मों और हाथों पर अपना-अपना रस छोडते गए। नीतू का पूरा शरीर वीर्य से सना हुआ था। उसके बाल, चेहरा, गर्दन, मम्मे, पेट, जांघें – हर जगह सफ़ेद रस की धारें बह रही थीं।
करीब ढाई घंटे तक यह अश्लील दृश्य चलता रहा। डांस फ्लोर पर कुछ और लोग भी थे, लेकिन उन्होंने यह सब देखा और किसी ने कुछ नहीं कहा, क्योंकि वहाँ हर कोई अपनी दुनिया में मस्त था।
आखिरकार, जब सारे २० आदमी अपनी उत्तेजना से बाहर आ गए, तो नीतू पूरी तरह थकी हुई, शराब और वीर्य से लथपथ, फर्श पर लेटी हुई थी। उसके शरीर के हर हिस्से में दर्द था, लेकिन उसके चेहरे पर एक संतोष था। वह ज़ोर-ज़ोर से साँस ले रही थी।
उन आदमियों में से एक ने उसे उठाया, उसे सोफे पर बिठाया और एक कप पानी दिया। उसने नीतू के बालों को सहलाते हुए कहा, "तुम बहुत अद्भुत हो। आज की रात कभी नहीं भूलेंगे हम लोग।"
नीतू ने अपनी थकी हुई आँखों से उन सबको देखा और धीरे से मुस्कुराई। उसने सोचा, "विवेक ने मुझे छोडा, लेकिन आज की रात ने मुझे फिर से जीना सिखा दिया। ये दर्द नहीं, बल्कि आज़ादी है।"
कुछ देर बाद नीतू ने अपनी टूटी-फूटी ड्रेस को किसी तरह संभाला, अपने बालों को ठीक किया और वहाँ से बाहर आ गई। बाहर ठंडी हवा ने उसके गालों को छुआ। उसने गहरी साँस ली और अपने घर की तरफ बढ गई।
वह जानती थी कि वह कल एक नई ज़िंदगी शुरू करेगी। ब्रेकअप का दर्द अब उसे उतना नहीं सताएगा। उसके मन में कोई पछतावा नहीं था, बल्कि एक अजीब सी मस्ती थी। वह जानती थी कि ये रात उसके जीवन की सबसे अलग और यादगार रातों में से एक होगी।
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